हिन्दू पंचांग का उपयोग प्राचीन काल से होता आ रहा है। पंचांग शब्द का अर्थ है , पांच अंगो वाला। पंचांग में समय गणना के पांच अंग हैं- वार, तिथि, नक्षत्र, योग और करण। 14 अप्रैल, सोमवार, शक संवत्: 24 चैत्र (सौर) 1947, पंजाब पंचांग: 01 वैशाख मास प्रविष्टे 2082, इस्लाम: 15 शव्वाल 1446, विक्रमी संवत्: वैशाख कृष्ण प्रतिपदा प्रातः 08.26 बजे तक पश्चात द्वितीया तिथि, स्वाति नक्षत्र रात्रि 12.14 मिनट तक पश्चात विशाखा नक्षत्र, कौलव करण, चंद्रमा तुला राशि में (दिन-रात)। सूर्य उत्तरायण। सूर्य उत्तर गोल। वसंत ऋतु। प्रातः 07.30 मिनट से प्रातः 09 बजे तक राहुकालम्। पुण्यकाल वैशाख संक्रान्ति प्रातः 09.45 मिनट तक।
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