खबर जन बुलेटिन 05/फरवरी/2026
तीन माह से वेतन नहीं, आर्थिक संकट से जूझ रहे एनएचएम आउटसोर्स कर्मी
वेतन भुगतान, एचआर पालिसी व रेशनलाइजेशन को लेकर मिशन निदेशक से वार्ता
देहरादून: एनएचएम आउटसोर्स कर्मियों को पिछले तीन माह से वेतन नहीं मिला है, जिससे कर्मचारी और उनके परिवार गंभीर आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं। इस स्थिति को लेकर राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन कर्मचारी संगठन उत्तराखंड के प्रतिनिधिमंडल ने मिशन निदेशक मनुज गोयल से मुलाकात की। संगठन पदाधिकारियों ने कहा कि वेतन न मिलने से कर्मचारियों की दैनिक जरूरतें प्रभावित हो रही हैं और परिवारों के सामने गंभीर आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। उन्होंने मिशन निदेशक से तत्काल वेतन भुगतान की मांग की। बैठक में आउटसोर्स कर्मियों के समायोजन से जुड़े मुद्दों पर भी विस्तार से चर्चा की गई। संगठन ने कहा कि एक ओर समायोजन की बात की जा रही है, जबकि दूसरी ओर नई टेंडर प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जा रहा है, जिससे कर्मचारियों में असमंजस और असुरक्षा की स्थिति बनी हुई है। संगठन ने इस संबंध में न्यायालय के पूर्व निर्णयों का हवाला देते हुए कहा कि यदि कर्मचारियों के हित में शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो संगठन को पुनः न्यायालय की शरण लेने को मजबूर होना पड़ेगा। एनएचएम आउटसोर्स कर्मियों के लिए प्रस्तावित एचआर पालिसी पर भी गहन विमर्श हुआ। संगठन ने सेवा शर्तों में पारदर्शिता, सुरक्षा और स्थायित्व सुनिश्चित करने के लिए एक ठोस और व्यापक नीति लागू करने की आवश्यकता पर जोर दिया। इस दिशा में नीति प्रस्ताव को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया पर भी चर्चा की गई। इसके साथ ही इस वर्ष प्रस्तावित रेशनलाइजेशन प्रक्रिया को लेकर संगठन ने अनुरोध किया कि इस प्रक्रिया में किसी भी आउटसोर्स कर्मी को वित्तीय नुकसान न हो और कर्मचारियों के हितों की पूरी तरह रक्षा सुनिश्चित की जाए। संगठन के अनुसार वार्ता सकारात्मक रही। मिशन निदेशक ने बताया कि पिछले एक माह से प्रशिक्षण के कारण लंबित रही प्रक्रियाओं को अब आगे बढ़ाया जाएगा। साथ ही उन्होंने रेशनलाइजेशन और एचआर पालिसी को लेकर शीघ्र संगठन के साथ अलग से बैठक करने का आश्वासन दिया। बैठक में संगठन की ओर से अध्यक्ष राम संजीवन नौटियाल, महिला उपाध्यक्ष रेखा नेगी, महासचिव डा. रविन्द्र वशिष्ठ, संगठन मंत्री (महिला) सुषमा मल्होत्रा और मीडिया प्रभारी डा. योगेश उनियाल उपस्थित रहे।
