खबर जन बुलेटिन 19/फरवरी/2026

देहरादून: रायपुर CHC में जन औषधि केंद्र और निजी मेडिकल स्टोर का लाइसेंस निरस्त, जिलाधिकारी के निर्देश पर बड़ी कार्रवाई

देहरादून/उत्तराखंड: आम जनमानस को सस्ती दवाइयां उपलब्ध कराने के संकल्प के साथ देहरादून जिला प्रशासन ने एक बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की है। रायपुर स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) में संचालित प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र में मिल रही शिकायतों के बाद, जिलाधिकारी सविन बंसल के आदेश पर जांच की गई और गंभीर अनियमितताएं पाए जाने पर दो मेडिकल स्टोर्स के लाइसेंस निरस्त कर दिए गए हैं।

जांच में सामने आई मुख्य अनियमितताएं:

संयुक्त मजिस्ट्रेट और वरिष्ठ औषधि निरीक्षक की जांच रिपोर्ट के अनुसार, निम्नलिखित कमियां पाई गई हैं:

हितों का टकराव (Conflict of Interest): जन औषधि केंद्र के संचालक द्वारा अस्पताल परिसर के मात्र 25 मीटर की दूरी पर ‘रावत मेडिकोज’ नाम से निजी मेडिकल स्टोर का संचालन किया जा रहा था।

सॉफ्टवेयर का दुरुपयोग: दवाओं की उपलब्धता के लिए PMBI के आधिकारिक सॉफ्टवेयर का वर्षों से उपयोग नहीं किया गया। बिलिंग का कार्य मैन्युअल रूप से किया जा रहा था, जो नियमों के विरुद्ध है।

अनौपचारिक माध्यम: दवाओं की मांग और आपूर्ति के लिए निर्धारित पोर्टल के बजाय व्हाट्सएप (WhatsApp) का उपयोग किया जा रहा था।

रिकॉर्ड में कमी: स्टॉक पंजिका (Stock Register) और इन्वेंट्री का रख-रखाव व्यवस्थित नहीं मिला।
दस्तावेजों में विसंगति: लाइसेंस नवीनीकरण के लिए प्रस्तुत दस्तावेजों (जैसे फ्रिज का बिल और एसी की स्थिति) में भी विसंगतियां पाई गई हैं।

प्रशासन का सख्त रुख:

जिलाधिकारी सविन बंसल ने स्पष्ट किया है कि जन औषधि केंद्र का उद्देश्य जनता को सस्ती दवाएं उपलब्ध कराना है। यदि कोई संचालक दवाओं की कृत्रिम कमी दिखाकर मरीजों को निजी स्टोर से महंगी दवा खरीदने पर विवश करता है, तो उसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इसी आधार पर जन औषधि केंद्र और रावत मेडिकोज दोनों के लाइसेंस निरस्त करने की संस्तुति की गई है।

सरकार की प्रतिबद्धता: प्रशासन का लक्ष्य अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक सरकारी योजनाओं का लाभ पारदर्शी तरीके से पहुंचाना है