Noida: एनसीआर का दूसरा इंटरनेशनल एयरपोर्ट नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट अप्रैल से यात्री सेवाएं शुरू करने की दिशा में तेजी से तैयार हो रहा है। अब तक एयरपोर्ट के निर्माण पर 9024.12 करोड़ रुपये खर्च हो चुके हैं, जो कुल लागत का 89.73 प्रतिशत है। निर्माण कार्य का 77.77 प्रतिशत हिस्सा पूरा हो चुका है।
टर्मिनल और रनवे निर्माण कार्य प्रगति पर
एयरपोर्ट का निर्माण दो हिस्सों में हो रहा है—टर्मिनल बिल्डिंग और एयरसाइड इंफ्रास्ट्रक्चर। टर्मिनल बिल्डिंग में फर्श का काम लगभग पूरा हो चुका है। वहीं, आंतरिक साज-सज्जा, बैगेज हैंडलिंग सिस्टम और एस्केलेटर लगाने का काम तेजी से चल रहा है।
रनवे और एटीसी (एयर ट्रैफिक कंट्रोल) का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। एटीसी को भारतीय विमान पत्तन प्राधिकरण (AAI) को सौंप दिया गया है। सब स्टेशन, एसटीपी (जल शोधन संयंत्र), टैक्सी वे आदि का निर्माण भी लगभग पूरा हो चुका है।
प्रांगण और कनेक्टिविटी कार्य तेजी से जारी
एयरपोर्ट के प्रांगण की छत को ढकने का काम शुरू हो गया है। यात्री सबसे पहले इसी प्रांगण में प्रवेश करेंगे। यमुना एक्सप्रेसवे से एयरपोर्ट को जोड़ने वाली 700 मीटर लंबी और 8 लेन चौड़ी सड़क का निर्माण भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने पूरा कर लिया है। एयरपोर्ट परिसर के अंदर की सड़कों का निर्माण कार्य भी प्रगति पर है।
लाइसेंस और संचालन की तैयारियां
यमुना इंटरनेशनल एयरपोर्ट प्रा. लि. ने एयरपोर्ट के एयरोड्रोम लाइसेंस के लिए महानिदेशालय नागर विमानन (DGCA) के समक्ष आवेदन कर दिया है। मार्च तक लाइसेंस मिलने की संभावना है।
कुल लागत और प्रगति
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट परियोजना की कुल लागत 10,056 करोड़ रुपये है। इसमें एयरपोर्ट के लिए अधिग्रहित 1334 हेक्टेयर जमीन की कीमत भी शामिल है। अब तक 9024.12 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं।
अधिकारियों का दौरा और समय सीमा
नागरिक उड्डयन विभाग के निदेशक ईशान प्रताप सिंह और नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के अधिकारी शैलेंद्र भाटिया ने हाल ही में एयरपोर्ट का निरीक्षण किया। अधिकारियों का कहना है कि तय समय सीमा में सभी निर्माण कार्य पूरे हो जाएंगे। अप्रैल में यात्री सेवाएं शुरू होने की उम्मीद है।
