Greater Noida: ग्रेटर नोएडा के बिसरख कोतवाली पुलिस ने जूम ऐप के जरिए कार बुक कर गबन करने वाले शातिर गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए तीन बदमाशों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपितों के कब्जे से गबन की गई थार कार भी बरामद कर ली है।

आरोपियों की पहचान और गिरोह का इतिहास

पकड़े गए आरोपितों की पहचान प्रशांत ठाकुर (निवासी बलवीर नगर, शाहदरा, दिल्ली), विनय सिरोही (निवासी गांव पाली बमरोली, थाना श्याना, बुलंदशहर) और जतिन (निवासी सेलाकुई, देहरादून) के रूप में हुई है। पुलिस जांच में पता चला है कि ये शातिर बदमाश पहले भी इसी तरह से किराये पर वाहन बुक कर उन्हें हड़प चुके हैं।

कैसे दिया गया घटना को अंजाम

पीड़ित अक्षय शर्मा, जो ईको विलेज 1 सोसाइटी के टावर बी-5 के फ्लैट नंबर 106 में रहते हैं, ने 24 जनवरी को शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि उनकी पत्नी सलोनी पांडेय के नाम पर पंजीकृत थार कार को जूम ऐप के जरिए किराये पर देने का व्यवसाय करते हैं।

23 जनवरी को सूर्यकांत नाम के व्यक्ति ने जूम ऐप के माध्यम से दो घंटे के लिए 1800 रुपये में कार बुक की। इसके बाद एक युवक, जिसने अपना नाम जतिन बताया, कार लेने आया। लेकिन कार को वापस नहीं लौटाया गया।

पुलिस की सक्रियता और गिरोह की गिरफ्तारी

शक होने पर अक्षय शर्मा ने पुलिस को सूचित किया। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने जांच के लिए टीम गठित की। जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि यह गिरोह पहले भी इसी तरीके से गबन की घटनाओं को अंजाम दे चुका है।

शनिवार को पुलिस ने तीनों आरोपियों को उस समय गिरफ्तार कर लिया, जब वे एटीएस गोलचक्कर से चार मूर्ति की ओर जा रहे थे।

बिना अनुमति इस्तेमाल किया गया आधार और लाइसेंस

पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने कबूल किया कि उन्होंने अपने साथी सूर्यकांत के आधार कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस और सिम कार्ड का इस्तेमाल उसकी जानकारी के बिना किया। इसके जरिए उन्होंने जूम ऐप से थार कार बुक की और उसे बेचने की कोशिश की।

आरोपियों का आपराधिक रिकॉर्ड खंगाल रही पुलिस

पुलिस ने खुलासा किया कि प्रशांत ठाकुर भी इस गिरोह का सक्रिय सदस्य है और कार की बिक्री में शामिल था। अब पुलिस आरोपियों के आपराधिक रिकॉर्ड खंगाल रही है और गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की तलाश कर रही है।