नई दिल्ली: भारत आज 26 जनवरी 2025 को अपना 76वां गणतंत्र दिवस मनाने के लिए पूरी तरह तैयार है। इस बार का समारोह खास है क्योंकि कर्तव्य पथ पर आयोजित परेड में संविधान के 75 साल थीम पर आधारित दो विशेष झांकियां शामिल की गई हैं। राजधानी में सुरक्षा को लेकर पुख्ता इंतजाम किए गए हैं।

दिल्ली पुलिस ने यातायात को लेकर परामर्श जारी किया है। कई सड़कों पर प्रतिबंध और मार्ग परिवर्तनों की घोषणा की गई है। शनिवार शाम से ही शहर की सीमाओं पर प्रवेश प्रतिबंधित कर दिया गया है।

कड़ी सुरक्षा व्यवस्था
गणतंत्र दिवस समारोह के दौरान दिल्ली में 70 से अधिक अर्द्धसैनिक बलों की कंपनियां और 15,000 से अधिक पुलिसकर्मी तैनात रहेंगे। सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए नई दिल्ली, उत्तर और मध्य जिलों में 4,000 से अधिक इमारतों की छतों को चिह्नित किया गया है। परेड में शामिल होने वालों को सुरक्षा स्टिकर दिए गए हैं। साथ ही, कर्तव्य पथ और आसपास के इलाकों में 500 एआई सक्षम हाई-रिज़ॉल्यूशन कैमरे लगाए गए हैं।

प्रधानमंत्री का संदेश
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने परेड में भाग लेने वाले एनसीसी कैडेट्स, एनएसएस स्वयंसेवकों, जनजातीय अतिथियों और झांकी कलाकारों से बातचीत की। उन्होंने सभी से सामूहिक प्रयासों से देश को मजबूत करने और एकजुट रहने का आह्वान किया।

गणतंत्र दिवस परेड की खास झलकियां
परेड का आरंभ राष्ट्रीय युद्ध स्मारक में प्रधानमंत्री द्वारा पुष्पांजलि अर्पित करने से हुआ। इस बार बीएसएफ के ऊंट दस्ते, दिल्ली पुलिस के मर्चिंग दस्ते और विभिन्न राज्यों की झांकियां आकर्षण का केंद्र रहीं।

पंजाब की झांकी
पंजाब की झांकी में कृषि प्रधान राज्य के पहलू और सूफी संत बाबा शेख फरीद की छवि को दिखाया गया। पत्थर की कलाकृतियों में बारिकियों का विशेष ध्यान रखा गया।

  • झारखंड की झांकी
    झारखंड की झांकी में महान उद्योगपति रतन टाटा को श्रद्धांजलि दी गई। झांकी में इस्पात संयंत्र का मॉडल, म्यूरल्स ट्राइबल आर्ट और सरायकेला का छऊ नृत्य प्रस्तुत किया गया।
  • बीएसएफ ऊंट दस्ता
    राजस्थान के थार और गुजरात के कच्छ में तैनात बीएसएफ के ऊंट दस्ते ने कर्तव्य पथ पर अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। तस्करों और घुसपैठियों के खिलाफ इनकी भूमिका महत्वपूर्ण मानी जाती है।
  • दिल्ली पुलिस का दस्ता
    दिल्ली पुलिस का मर्चिंग दस्ता, जिसमें 3 सब इंस्पेक्टर, 44 हेड कांस्टेबल और 100 कांस्टेबल शामिल हैं, कर्तव्य पथ पर शानदार प्रदर्शन करते हुए आगे बढ़ा। यह दस्ता अब तक 16 बार सर्वश्रेष्ठ मार्चिंग दस्ते की ट्रॉफी जीत चुका है।

वीरता और सेवा पदक से सम्मान
गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर 942 पुलिस, अग्निशमन और नागरिक सुरक्षा कर्मियों को विभिन्न श्रेणियों के वीरता और सेवा पदक से सम्मानित किया गया। इसमें वामपंथी उग्रवाद, जम्मू-कश्मीर और पूर्वोत्तर क्षेत्रों में तैनात कर्मी शामिल हैं।

सुरक्षा और उत्साह का संगम
गणतंत्र दिवस परेड में विशेष मार्ग, ड्रोन निगरानी और सीसीटीवी की मदद से सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाया गया है। यह दिन भारत के लोकतंत्र, एकता और विविधता का प्रतीक है, जिसे पूरे उत्साह और गर्व के साथ मनाया जा रहा है।