नई दिल्ली। दिल्ली की मुख्यमंत्री और कालकाजी विधानसभा सीट से आम आदमी पार्टी की विधायक आतिशी ने आज, 25 जनवरी, शनिवार को छत्रसाल स्टेडियम में 76वें गणतंत्र दिवस के मौके पर राष्ट्रीय ध्वज फहराया। इस अवसर पर उन्होंने दिल्लीवासियों और देशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए स्वतंत्रता सेनानियों को याद किया, जिन्होंने भारत की आजादी के लिए अपने प्राणों की आहुति दी।
गणतंत्र दिवस समारोह में मौजूद लोगों को संबोधित करते हुए सीएम आतिशी ने कहा, “76वें गणतंत्र दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं। यह दिन हमें उन महान स्वतंत्रता सेनानियों को याद दिलाता है, जिन्होंने एक स्वतंत्र भारत के सपने को साकार करने के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया। साथ ही, यह दिन बाबा साहेब अंबेडकर को सम्मानित करने का भी है, जिन्होंने हमें स्वतंत्रता के बाद संविधान दिया।”
स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान को किया नमन
अपने संबोधन में आतिशी ने कहा, “यह समय उन लाखों लोगों को याद करने का है, जिन्होंने एक आजाद भारत का सपना देखा और इसके लिए अपनी जान कुर्बान कर दी। ब्रिटिश शासन के दौरान भारत के लोग अपने अधिकारों से वंचित थे। उन्हें अपने प्रतिनिधि चुनने का अधिकार नहीं था, अपनी बात रखने का अधिकार नहीं था। सबसे बड़ी बात यह थी कि भारत के संसाधनों पर भी उनका कोई अधिकार नहीं था।”
“अंग्रेज यहां के संसाधन देश के बाहर ले जाते थे”
सीएम आतिशी ने कहा, “कहा जाता था कि भारत सोने की चिड़िया है। भारत की मिट्टी, पानी, पहाड़ और जंगल जैसे संसाधन पूरी दुनिया में अनमोल थे। लेकिन अंग्रेजों ने इन संसाधनों का इस्तेमाल यहां के लोगों के लिए नहीं, बल्कि उन्हें अपने देश ले जाने के लिए किया। भारत के बच्चों को अच्छी शिक्षा नहीं मिलती थी, लोगों को बेहतर इलाज और युवाओं को रोजगार के अवसर नहीं मिलते थे, क्योंकि देशवासियों की सरकार उन्हें चुनने का अधिकार नहीं था।”
संविधान और समानता की बात
उन्होंने आगे कहा, “हमारे स्वतंत्रता सेनानियों ने इन अधिकारों के लिए लड़ाई लड़ी। आजादी मिलने के बाद संविधान इस सपने के साथ लिखा गया कि ऐसा देश बनेगा, जहां किसी भी तरह का भेदभाव नहीं होगा और लोकतंत्र में सबको समान अधिकार मिलेंगे। मुझे गर्व है कि दिल्ली सरकार बाबा साहेब और स्वतंत्रता सेनानियों के सपने को साकार करने के लिए कड़ी मेहनत कर रही है।”
दिल्ली सरकार की प्रतिबद्धता
अंत में सीएम आतिशी ने कहा, “यह हमारी जिम्मेदारी है कि हम इस सपने को पूरा करें। दिल्ली सरकार बिना भेदभाव के हर नागरिक को समान अवसर प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। गणतंत्र दिवस का यह दिन हमें हमारे अधिकारों और कर्तव्यों की याद दिलाता है।”
