Noida News: नोएडा और ग्रेटर नोएडा में एक बार फिर सर्किल रेट बढ़ाने की कवायद तेज हो गई है। नोएडा में सर्किल रेट में 30 से 40 प्रतिशत तक वृद्धि करने की तैयारी है। इसके लिए जिलाधिकारी जल्द ही बैठक करेंगे। सर्किल रेट बढ़ने से जमीन, फ्लैट की रजिस्ट्री और उद्योग स्थापित करना महंगा हो जाएगा।
पिछले साल भी बढ़ी थीं आवंटन दरें
नोएडा और ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने पिछले साल अगस्त-सितंबर में आवंटन दरें बढ़ाई थीं। वहीं, जिला प्रशासन ने जुलाई 2023 में सर्किल रेट बढ़ाने के लिए निबंधन विभाग के सब-रजिस्ट्रार और सभी एसडीएम से बाजार सर्वे कराया था। हालांकि, उस समय किसान आंदोलन और अन्य कारणों से यह मामला ठंडे बस्ते में चला गया था।
रिपोर्ट तैयार, अंतिम निर्णय जल्द
जिले के सभी सब-रजिस्ट्रार ने सर्किल रेट से जुड़ी रिपोर्ट तैयार कर ली है। इस रिपोर्ट को अंतिम रूप दिया जा रहा है। निबंधन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, जिलाधिकारी जल्द बैठक करेंगे, जिसमें सर्किल रेट पर अंतिम चर्चा की जाएगी। इसके बाद प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।
लोगों से मांगी जाएंगी आपत्तियां
निबंधन विभाग के एआईजी बीएस वर्मा ने बताया कि प्रस्तावित सर्किल रेट की सूची तैयार कर ली गई है। दरों को बढ़ाने से पहले लोगों की आपत्तियां ली जाएंगी।
आवंटन दरों में 6 प्रतिशत की बढ़ोतरी
नोएडा प्राधिकरण ने पिछले साल अगस्त में आवासीय, औद्योगिक, ग्रुप हाउसिंग और संस्थागत संपत्ति की दरों में 6 प्रतिशत तक बढ़ोतरी की थी।
– ग्रुप हाउसिंग श्रेणी ए: 172680 से बढ़ाकर 183040 रुपये प्रति वर्ग मीटर।
– ग्रुप हाउसिंग श्रेणी बी: 115130 से बढ़ाकर 122040 रुपये प्रति वर्ग मीटर।
गांवों में 10-20 प्रतिशत तक वृद्धि संभव
गांवों की संपत्तियों के सर्किल रेट में भी 10 से 20 प्रतिशत की वृद्धि की संभावना है। सड़क की चौड़ाई और मुख्य मार्गों पर स्थित संपत्तियों के रेट अधिक तय किए जाएंगे।
पांच साल से नहीं हुई बड़ी बढ़ोतरी
2016 के बाद जिले में सर्किल रेट में कोई बड़ा बदलाव नहीं हुआ। 2019 में कुछ श्रेणियों में मामूली वृद्धि की गई थी। इस बार अधिकारी बड़े बदलाव की तैयारी में हैं।
आवासीय भूखंडों की मौजूदा दरें (रुपये प्रति वर्ग मीटर)
श्रेणी दरें
ए प्लस 175000
ए 125340
बी 87370
सी 63620
डी 53180
ई 48110
जिसकी दर अधिक, उसी पर रजिस्ट्री अनिवार्य
अब संपत्ति की रजिस्ट्री के लिए सिर्फ सर्किल रेट मायने नहीं रखते। रजिस्ट्री उसी दर पर की जाती है जो सर्किल रेट, आवंटन दर, या संपत्ति की बिक्री दर में से सबसे अधिक होती है।
