Ghaziabad: केंद्र सरकार ने गाजियाबाद शहर के ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के लिए 100 करोड़ रुपये का बजट मंजूर कर लिया है। नगर निगम अधिकारियों ने इस बजट के उपयोग की कार्ययोजना तैयार कर ली है। इस राशि में से 60 करोड़ रुपये कूड़ा निस्तारण और सफाई व्यवस्था पर खर्च किए जाएंगे, जबकि शेष 40 करोड़ रुपये हरित पट्टी विकसित करने और अन्य विकास कार्यों पर लगाए जाएंगे।

कूड़ा निस्तारण में बड़ी चुनौती

शहर से प्रतिदिन लगभग डेढ़ हजार मीट्रिक टन कूड़ा निकलता है। नगर निगम के पास डंपिंग ग्राउंड की कमी एक बड़ी चुनौती है। फिलहाल भिक्कनपुर में किराए पर ली गई जमीन पर कूड़े का निस्तारण किया जा रहा है। हालांकि, वहां भी स्थान सीमित होने के कारण सड़कों के किनारे कूड़ा जमा होने की समस्या बनी रहती है। मंजूर हुए बजट से इस समस्या के समाधान की उम्मीद है।

हरित पट्टी और हरियाली पर जोर

ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के तहत हरित पट्टियों का विकास किया जाएगा। इन पट्टियों पर छायादार और फलदार पौधे लगाए जाएंगे, जिससे न केवल हरियाली बढ़ेगी, बल्कि वायु प्रदूषण में भी कमी आएगी। हरित पट्टियों की देखभाल उद्यान विभाग करेगा।

विकास योजनाएं बदलेंगी शहर की तस्वीर

निगम ने अन्य विकास योजनाओं पर भी काम शुरू कर दिया है। 12 करोड़ रुपये की लागत से बायोडायवर्सिटी पार्क के निर्माण की प्रक्रिया जारी है। राजनगर एक्सटेंशन में 32 खेलों वाले स्पोर्ट्स प्लाजा को भी मंजूरी मिल गई है।

इसके अलावा, कामकाजी महिलाओं के लिए छात्रावास बनाए जाने की योजना है। यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए 41 चौराहों पर आधुनिक कैमरे लगाए जाएंगे।

जल निकासी और सड़क मरम्मत पर फोकस

निर्माण विभाग बारिश के मौसम में जलभराव रोकने के लिए दो बड़े नालों का निर्माण कराएगा। साथ ही, पुराने नालों की मरम्मत की जाएगी। इससे जलभराव की समस्या खत्म होगी और सड़कें क्षतिग्रस्त होने से बचेंगी।

नगर निगम का डेढ़ हजार करोड़ रुपये का कुल बजट

गाजियाबाद नगर निगम का कुल बजट डेढ़ हजार करोड़ रुपये है। इसमें केंद्र और प्रदेश सरकार से अलग-अलग योजनाओं के लिए बजट जारी किया जाता है। मंजूर हुए 100 करोड़ रुपये से शहर की स्वच्छता और हरित विकास में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा।