IND vs AUS 5th Test: सिडनी टेस्ट मैच के दूसरे दिन का खेल खत्म होने पर यह तय है कि इस मैच का नतीजा जरूर निकलेगा। एक ही दिन में कुल 15 विकेट गिरे और भारतीय टीम ने 145 रन की बढ़त लेकर अपनी स्थिति मजबूत कर ली। मोहम्मद सिराज और प्रसिद्ध कृष्णा की घातक गेंदबाजी के बाद ऋषभ पंत के विस्फोटक अर्धशतक ने मैच का रुख पलट दिया। दिन का खेल खत्म होने तक भारत ने 6 विकेट के नुकसान पर 141 रन बना लिए थे, जिसमें रवींद्र जडेजा और वाशिंगटन सुंदर क्रीज पर थे।
भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच 5 टेस्ट मैचों की सीरीज का आखिरी मैच रोमांचक दौर में पहुंच गया है। टीम इंडिया को दूसरे दिन के खेल के दौरान कप्तान जसप्रीत बुमराह के चोटिल होने से बड़ा झटका लगा, लेकिन मोहम्मद सिराज और प्रसिद्ध कृष्णा ने सुनिश्चित किया कि उनकी कमी महसूस न हो। भारत ने ऑस्ट्रेलिया की पहली पारी को महज 181 रन पर समेट दिया और 4 रन की मामूली बढ़त हासिल की। दोनों गेंदबाजों ने 3-3 विकेट लिए, जबकि नीतीश कुमार रेड्डी और कप्तान जसप्रीत बुमराह ने 2-2 विकेट लिए।
दूसरे दिन 15 विकेट गिरे
सिडनी टेस्ट के दूसरे दिन ऑस्ट्रेलिया ने अपनी पहली पारी 1 विकेट के नुकसान पर 9 रन से आगे खेलना शुरू किया और 181 रन पर आउट हो गई। अपनी दूसरी पारी में बल्लेबाजी करते हुए भारत ने भी दिन का खेल खत्म होने तक 6 विकेट खो दिए। भारतीय तेज गेंदबाजों ने पहली पारी में ऑस्ट्रेलिया के सभी 10 विकेट चटकाए।
ऋषभ पंत की पारी अहम होगी
सिडनी टेस्ट में अगर भारतीय टीम इस स्थिति में पहुंची है, तो इसका श्रेय काफी हद तक ऋषभ पंत की बेखौफ बल्लेबाजी को जाता है। विराट कोहली के आउट होने के बाद पंत मैदान पर उतरे और अपनी पहली ही गेंद पर छक्का जड़ दिया। उन्होंने अपने खास अंदाज में ताबड़तोड़ शॉट लगाए और महज 29 गेंदों में अर्धशतक जड़ दिया। पंत ने घातक मिशेल स्टार्क के खिलाफ लगातार दो छक्के लगाए। 4 छक्कों और 6 चौकों सहित महज 33 गेंदों पर 61 रनों की उनकी तेज-तर्रार पारी ने भारत को मैच में वापस ला दिया।
भारत के पास जीतने का मौका
भारत के पास सिडनी टेस्ट जीतकर सीरीज 2-2 से बराबर करने का मौका है। 145 रनों की बढ़त के साथ, भले ही भारतीय टीम 250 रनों का लक्ष्य रखने में सफल हो जाए, लेकिन इससे ऑस्ट्रेलिया पर दबाव बनेगा और उन्हें ऑल आउट करने का मौका मिलेगा। पहली पारी में मेजबान टीम सिर्फ 181 रनों पर आउट हो गई थी। भारतीय तेज गेंदबाज अच्छी लय में हैं और ऑस्ट्रेलिया को रोकना बहुत मुश्किल नहीं होना चाहिए।
