दिल्ली में चुनावी सरगर्मी के बीच यमुना जल को लेकर सियासत चरम पर है। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने दिल्ली के पल्ला गांव पहुंचकर यमुना का पानी पिया। उन्होंने यह कदम दिल्ली की मुख्यमंत्री आतिशी की चुनौती के जवाब में उठाया। आतिशी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर नायब सिंह सैनी को टैग करते हुए पल्ला घाट चलने का न्योता दिया था। इसके जवाब में सैनी ने न सिर्फ चुनौती स्वीकार की बल्कि मौके पर पहुंचकर यमुना जल भी ग्रहण किया।
केजरीवाल के ‘यमुना में जहर’ वाले बयान पर घमासान
इस विवाद की शुरुआत आम आदमी पार्टी के नेता और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के बयान से हुई, जिसमें उन्होंने हरियाणा सरकार पर यमुना में जहर मिलाने का आरोप लगाया था। केजरीवाल के इस बयान के बाद हरियाणा सरकार ने नाराजगी जताई और इस मामले पर कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि वे उनके खिलाफ मानहानि का मुकदमा दर्ज करेंगे।
पीएम मोदी का भी बयान, केजरीवाल पर साधा निशाना
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इस विवाद पर प्रतिक्रिया दी है। दिल्ली में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, “कोई कैसे कह सकता है कि पानी में जहर मिलाया गया है? यह केवल भ्रम और जनता को गुमराह करने की राजनीति है। दिल्ली को डबल इंजन सरकार की जरूरत है, जो गरीबों के विकास और कल्याण के लिए काम करे।” पीएम मोदी ने आम आदमी पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा कि यह सिर्फ चुनावी हथकंडा है, जिससे जनता को गुमराह करने की कोशिश की जा रही है।
केजरीवाल के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की तैयारी
हरियाणा सरकार ने साफ कर दिया है कि केजरीवाल के बयान को हल्के में नहीं लिया जाएगा। हरियाणा के मंत्री विपुल गोयल ने कहा, “अरविंद केजरीवाल का बयान पूरी तरह से गैर-जिम्मेदाराना है। उन्होंने जनता में बेवजह डर फैलाने की कोशिश की है। उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाई जाएगी।”
चुनावी माहौल में बढ़ी सियासी तल्खी
यमुना जल विवाद अब पूरी तरह से राजनीतिक मुद्दा बन चुका है। दिल्ली और हरियाणा के बीच इस बयानबाजी से चुनावी माहौल गरमा गया है। एक तरफ आम आदमी पार्टी इसे जनता की चिंता का विषय बता रही है, तो वहीं बीजेपी इसे राजनीतिक ड्रामा करार दे रही है। देखना होगा कि इस विवाद का असर आगामी चुनावों पर कितना पड़ता है।
