Delhi Election 2025: दिल्ली विधानसभा चुनाव में इस बार 19 फीसदी उम्मीदवारों ने अपने हलफनामे में क्रिमिनल केस की जानकारी दी है। एक न्यूज़ एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, एडीआर (एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स) की रिपोर्ट में यह आंकड़ा सामने आया है। 2019 के पिछले विधानसभा चुनाव में यह आंकड़ा 20 फीसदी था, जिससे इस बार 1 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई है। एडीआर के अनुसार, पिछले चुनाव में 672 उम्मीदवार थे, जबकि इस बार यह संख्या बढ़कर 699 हो गई है।

मर्डर, अटेंप्ट मर्डर और महिलाओं के खिलाफ अपराध

रिपोर्ट में बताया गया कि 12 फीसदी उम्मीदवारों पर गंभीर आपराधिक आरोप दर्ज हैं। इनमें वे अपराध शामिल हैं जिनमें पांच साल या उससे अधिक की सजा का प्रावधान है। यह संख्या पिछले चुनाव के मुकाबले घट गई है, जब यह आंकड़ा 15 फीसदी था। इस बार के चुनाव में उम्मीदवारों ने अपने हलफनामे में मर्डर, हत्या के प्रयास और महिलाओं के खिलाफ अपराध से जुड़े मामलों की जानकारी दी है।

दो पर हत्या के आरोप, पांच पर हत्या के प्रयास का मामला

13 फीसदी उम्मीदवार ऐसे हैं जिन्होंने महिलाओं के खिलाफ अपराध से जुड़े मामलों की जानकारी दी है। वहीं, दो उम्मीदवारों पर आईपीसी की धारा 302 के तहत हत्या का आरोप है। इसके अलावा, पांच उम्मीदवारों पर धारा 307 के तहत हत्या के प्रयास का आरोप दर्ज है।

पार्टियों के उम्मीदवारों पर आपराधिक मामले

आम आदमी पार्टी (आप):

63 फीसदी उम्मीदवारों ने आपराधिक मामलों की जानकारी दी है, जिनमें 41 फीसदी पर गंभीर मामले दर्ज हैं।

कांग्रेस:

कांग्रेस के 41 फीसदी उम्मीदवारों पर आपराधिक मामले दर्ज हैं, जिनमें 19 फीसदी पर गंभीर मामले हैं।

भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी):

बीजेपी के 29 फीसदी उम्मीदवारों ने आपराधिक मामलों की जानकारी दी है, जिनमें 13 फीसदी पर गंभीर मामले दर्ज हैं।

चुनाव की तारीख और मुख्य मुकाबला

दिल्ली विधानसभा चुनाव के लिए 70 सीटों पर 5 फरवरी को एक ही चरण में मतदान होगा। नतीजे 8 फरवरी को घोषित किए जाएंगे। मुख्य मुकाबला आम आदमी पार्टी, कांग्रेस और बीजेपी के बीच माना जा रहा है। इसके अलावा असदुद्दीन ओवैसी की एआईएमआईएम, मायावती की बसपा और अजित पवार की एनसीपी भी चुनावी मैदान में हैं। बीजेपी ने एक-एक सीट जेडीयू और चिराग पासवान को दी है।