Mahakumbh 2025: प्रयागराज में आयोजित महाकुंभ 2025 में समाजवादी पार्टी (सपा) के संस्थापक और संरक्षक रहे मुलायम सिंह यादव की प्रतिमा स्थापित किए जाने के बाद सियासत तेज हो गई है। रविवार को सपा प्रमुख अखिलेश यादव भी महाकुंभ पहुंचे, जहां उन्होंने संगम में आस्था की डुबकी लगाई और संत-महंतों से मुलाकात की।
मुलायम सिंह यादव की प्रतिमा पर किया माल्यार्पण
अखिलेश यादव ने सेक्टर-16 में बने शिविर में पहुंचकर अपने पिता मुलायम सिंह यादव की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। इस दौरान शंखनाद भी किया गया। इस अवसर पर उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा— “सबके नेताजी और अपने पिताजी को महाकुंभ परिसर में श्रद्धा सुमन अर्पण।” उन्होंने प्रतिमा पर माल्यार्पण करते हुए कई तस्वीरें भी साझा कीं।
संतों-महंतों से की मुलाकात
महाकुंभ यात्रा के दौरान अखिलेश यादव ने शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती से भी भेंट की। इस मुलाकात के दौरान विभिन्न धार्मिक और सामाजिक मुद्दों पर चर्चा हुई।
महाकुंभ की पुण्य यात्रा पर अखिलेश का संदेश
गंगा स्नान के बाद अखिलेश यादव ने महाकुंभ की तस्वीरें साझा करते हुए लिखा— “महाकुंभ 144 साल में एक बार आता है, वो भी संगम के किनारे। जीवन में एक बार मिलने वाले इस अवसर पर हमें संकल्प लेना चाहिए कि जीवन का सही अर्थ मेल-मिलाप और एकता में है। हमें संगम की तरह जीवनभर मेलजोल का सकारात्मक संदेश देना चाहिए। सद्भाव, सौहार्द और सहनशीलता की त्रिवेणी जब-जब व्यक्ति के अंदर होगी, तब-तब हम सब महाकुंभ का अनुभव करेंगे।”
अखिलेश यादव की इस महाकुंभ यात्रा और उनके बयान को लेकर राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज हो गई हैं।
