Greater Noida: ग्रेटर नोएडा के सेक्टर बीटा-2 पुलिस और मेरठ की एएनटीएफ टीम ने चरस तस्करी करने वाले एक अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश करते हुए सरगना समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के पास से पांच किलो 500 ग्राम चरस बरामद हुई है, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत लगभग 55 लाख रुपये आंकी गई है।

ग्रेटर नोएडा के एडीसीपी अशोक कुमार ने बताया कि गुरुवार रात यमुना एक्सप्रेसवे के जीरो प्वाइंट पर घेराबंदी कर तीनों तस्करों को गिरफ्तार किया गया। पकड़े गए आरोपियों की पहचान भाकसु कामी उर्फ बागसुर कामी (जिला रोलपा, नेपाल), धीरज सिंह सामन्त (जनपद नैनीताल, उत्तराखंड) और तुलसी देवी उर्फ मोटी (जनपद नैनीताल, उत्तराखंड) के रूप में हुई है। भाकसु कामी फिलहाल दिल्ली के रोहिणी में रह रहा था।

गिरोह का नेटवर्क और संचालन
पुलिस के अनुसार, भाकसु कामी उर्फ बागसुर कामी इस गिरोह का सरगना है, जो नेपाल से चरस लाकर भारत में धीरज सिंह और उसकी बुआ तुलसी देवी के साथ मिलकर इसे दिल्ली, हरियाणा, हरिद्वार, मुजफ्फरनगर, शामली और दिल्ली-एनसीआर में फुटकर में बेचता था। तुलसी देवी के खिलाफ पहले से थाना छपार, जनपद मुजफ्फरनगर में मुकदमा दर्ज है और वह इस मामले में वांछित चल रही थी।

बरामद सामग्री और आगे की कार्रवाई
गिरफ्तार आरोपियों के पास से पुलिस ने पांच किलो 500 ग्राम चरस के अलावा तीन मोबाइल फोन, एक आधार कार्ड, एक नेपाली नागरिकता प्रमाणपत्र और दो हजार रुपये बरामद किए हैं। पुलिस उनके आपराधिक इतिहास की जानकारी जुटाने में लगी है और अन्य सहयोगियों की तलाश जारी है।

कोतवाली प्रभारी का बयान
कोतवाली प्रभारी ने बताया कि यह गिरोह लंबे समय से सक्रिय था और देश के कई राज्यों में नशीले पदार्थों की तस्करी करता था। पुलिस इस मामले की गहन जांच कर रही है ताकि गिरोह के अन्य सदस्यों और उनके नेटवर्क का पता लगाया जा सके।