Greater Noida: ग्रेटर नोएडा के जारचा कोतवाली क्षेत्र के खंडेरा गांव में मानवता को शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है। गांव के कुछ लोगों ने जेसीबी मशीन के जरिए दलित और असहाय लोगों के करीब आधा दर्जन से अधिक मकान ध्वस्त कर दिए। पीड़ित लोग आरोपितों के सामने हाथ जोड़कर अपने मकान न तोड़ने की गुहार लगाते रहे, लेकिन किसी ने उनकी बात नहीं सुनी।
40 साल से रह रहे थे लोग
जानकारी के अनुसार, दलित और गरीब परिवार पिछले 40 वर्षों से चार बीघा सरकारी जमीन पर मकान बनाकर अपना जीवन-यापन कर रहे थे। यह जमीन हरिजन आबादी के लिए रिजर्व की गई थी।
पीड़ित नैपाल सिंह, महेश चंद और दिनेश ने पुलिस को लिखित शिकायत में बताया कि शुक्रवार को गांव के वीरेंद्र, नितेंद्र, निक्की, राकेश, रमेश, सुनील, कूड़े और 25 अज्ञात लोगों ने बिना किसी सरकारी आदेश के उनके मकानों को जेसीबी से तोड़ दिया।
महिलाओं और बच्चों के साथ मारपीट
मकान तोड़े जाने का विरोध करने पर महिलाओं और बच्चों के साथ मारपीट की गई और जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल किया गया। घटना की सूचना मिलने पर मौके पर पहुंचे ग्राम प्रधान के साथ भी अभद्रता की गई। पीड़ितों का आरोप है कि आरोपी इस जमीन को अपनी बताकर कब्जा करना चाहते हैं।
सर्दी में बेघर हुए दलित परिवार
मकान टूटने के कारण सर्दी के मौसम में इन दलित और गरीब परिवारों के सिर से छत छिन गई। यहां तक कि उनके पशु भी ठंड में बेघर हो गए।
पुलिस ने दर्ज किया मुकदमा
जारचा कोतवाली प्रभारी सुमनेश विकल ने बताया कि पीड़ितों की शिकायत के आधार पर वीरेंद्र, नितेंद्र, निक्की, राकेश, रमेश, सुनील, कूड़े और 25 अज्ञात लोगों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
आरोपियों का पक्ष
दूसरी तरफ, आरोपी पक्ष का कहना है कि लगाए गए सभी आरोप झूठे हैं। उनका दावा है कि वे अपनी जमीन पर सफाई और चारदीवारी बनाने का काम कर रहे थे।
गुरुग्राम: जीएमडीए टीम ने अवैध निर्माण पर की कार्रवाई
एक अन्य मामले में गुरुग्राम के न्यू कॉलोनी मोड़ क्षेत्र में गुरुग्राम मेट्रोपालिटन डेवलपमेंट अथॉरिटी (जीएमडीए) की डीटीपी एनफोर्समेंट टीम ने अवैध निर्माण को तोड़फोड़ कर हटाया। डीटीपी आरएस बाठ, एटीपी सतेंद्र आर्य और मांगेराम समेत कई पुलिस अधिकारियों की मौजूदगी में यह कार्रवाई की गई।
