Ghaziabad: गाजियाबाद के कौशांबी थाना क्षेत्र स्थित वैशाली सेक्टर-4 के शाप्रिक्स मॉल में शेयर ट्रेडिंग के नाम पर लोगों से ठगी करने वाले एक अवैध कॉल सेंटर का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। पुलिस ने मौके से दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि उनका तीसरा साथी फरार हो गया।
क्या बरामद हुआ?
पुलिस ने छापेमारी के दौरान तीन लैपटॉप, तीन कंप्यूटर, 34 मोबाइल फोन, 18 सिम कार्ड, 11 डेबिट और क्रेडिट कार्ड, और मोबाइल नंबरों की एक सूची बरामद की है। सहायक पुलिस आयुक्त इंदिरापुरम, स्वतंत्र कुमार सिंह ने जानकारी दी कि कौशांबी थाना पुलिस क्षेत्र में नियमित चेकिंग कर रही थी, तभी इस अवैध कॉल सेंटर की सूचना मिली।
कैसे हुआ खुलासा?
सूचना के आधार पर पुलिस ने वैशाली सेक्टर-4 के शाप्रिक्स मॉल के तीसरे तल पर छापा मारा। वहां से कुशाग्र कुमार और कृष्णा भारद्वाज नाम के दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया, जबकि मोहम्मद साहिल नाम का तीसरा आरोपी फरार हो गया। पुलिस ने उनसे कॉल सेंटर के लाइसेंस और पंजीकरण की मांग की, लेकिन वे कोई वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सके।
ठगी का तरीका
आरोपियों ने पुलिस को बताया कि उनके पास मोबाइल नंबरों की सूची आती थी, जिन पर वे लोगों को कॉल करते थे। ये लोग शेयर ट्रेडिंग के फायदे बताकर डीमैट अकाउंट खुलवाते थे। ग्राहकों से रुपये लेकर शेयर में निवेश करते थे। मुनाफा होने पर थोड़ी रकम ग्राहक को देते थे और बाकी अपने पास रखते थे। लेकिन, नुकसान होने पर ग्राहकों का पूरा पैसा हड़प लेते थे।
रिश्तेदार से सीखा तरीका
पुलिस पूछताछ में पता चला कि आरोपी कुशाग्र और कृष्णा इंटरमीडिएट पास हैं। तीसरा आरोपी साहिल का रिश्तेदार शेयर ट्रेडिंग का काम करता था, जिससे इन सभी ने यह तरीका सीखा। इसके बाद तीनों ने साझेदारी में करीब दो साल पहले यह अवैध कॉल सेंटर शुरू किया था।
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कर्मचारियों से होगी पूछताछ
पुलिस को मौके से एक बायोमेट्रिक अटेंडेंस मशीन भी मिली है। जांच में पता चला है कि कॉल सेंटर में दो शिफ्ट में 12 से अधिक लोग काम करते थे। पुलिस अब उन कर्मचारियों की तलाश कर रही है, ताकि उनसे पूछताछ कर अधिक जानकारी जुटाई जा सके।
आगे की कार्रवाई
पुलिस अब जांच कर रही है कि बीते दो सालों में आरोपियों ने कितने लोगों को ठगा है। मोबाइल नंबरों और बैंक खातों के लेन-देन का विवरण खंगाला जा रहा है। फरार आरोपी मोहम्मद साहिल की तलाश जारी है।
