Waqf Amendment Bill: वक्फ संशोधन विधेयक 2024 पर चर्चा के लिए शुक्रवार को आयोजित संसदीय समिति की बैठक में जोरदार हंगामा हुआ। विपक्षी सदस्यों ने मसौदा कानून पर पर्याप्त अध्ययन का समय न दिए जाने का आरोप लगाया। भाजपा सांसद जगदंबिका पाल की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में कश्मीर के मीरवाइज उमर फारूक के नेतृत्व वाले प्रतिनिधिमंडल के विचार सुने जाने थे।

10 विपक्षी सांसद पूरे दिन के लिए निलंबित

हंगामे के चलते समिति ने 10 विपक्षी सांसदों को पूरे दिन के लिए निलंबित कर दिया। निलंबित सदस्यों में तृणमूल कांग्रेस के कल्याण बनर्जी, कांग्रेस के सैयद नासिर हुसैन, मोहम्मद जावेद, डीएमके के ए. राजा, एआईएमआईएम के असदुद्दीन ओवैसी, शिवसेना के अरविंद सावंत, आरजेडी के मोहिबुल्लाह, टीएमसी के नदीमुल हक, इमरान मसूद और एम. अब्दुल्ला शामिल हैं।

निशिकांत दुबे ने रखा निलंबन प्रस्ताव

भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने विपक्षी सांसदों को निलंबित करने का प्रस्ताव रखा, जिसे समिति ने स्वीकार कर लिया। भाजपा सांसद अपराजिता सारंगी ने विपक्षी नेताओं के आचरण को “शर्मनाक” बताते हुए कहा कि वे लगातार हंगामा कर रहे थे और असंसदीय भाषा का प्रयोग कर रहे थे।

विपक्ष का आरोप: जल्दबाजी में विधेयक पारित कराने की कोशिश

बैठक के दौरान विपक्षी नेताओं ने आरोप लगाया कि भाजपा दिल्ली विधानसभा चुनाव के मद्देनजर वक्फ संशोधन विधेयक पर जल्द रिपोर्ट तैयार करवाना चाहती है। विपक्ष ने 27 जनवरी को होने वाली अगली बैठक को 30 या 31 जनवरी तक स्थगित करने की मांग की।

तृणमूल और कांग्रेस नेताओं का विरोध

टीएमसी के कल्याण बनर्जी और कांग्रेस के सैयद नासिर हुसैन बैठक से बाहर निकल गए। उन्होंने समिति की कार्यवाही को “तमाशा” करार देते हुए कहा कि विधेयक के प्रस्तावित संशोधनों पर खंडवार चर्चा की जानी चाहिए।

मीरवाइज के प्रतिनिधिमंडल के विचार लिए गए

बैठक में हंगामे और कार्यवाही स्थगित होने के बाद, मीरवाइज उमर फारूक के नेतृत्व वाले प्रतिनिधिमंडल ने अपने विचार प्रस्तुत किए। इसके साथ ही वक्फ संशोधन विधेयक पर विचार-विमर्श की प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई।

भाजपा का पलटवार

निशिकांत दुबे ने विपक्ष पर बहुमत की आवाज दबाने का आरोप लगाते हुए कहा कि उनका आचरण संसदीय परंपरा के खिलाफ है। उन्होंने जोर देकर कहा कि समिति का काम विधेयक पर चर्चा को आगे बढ़ाना है और इसे बाधित करना उचित नहीं।