Greater Noida: यूपी एसटीएफ की नोएडा यूनिट ने ग्रेटर नोएडा से तीन शातिर ठगों को गिरफ्तार किया है, जो चीनी और विदेशी नागरिकों को गेमिंग, ट्रेडिंग, लोनिंग ऐप और डिजिटल धोखाधड़ी के लिए भारतीय बैंक खाते उपलब्ध कराते थे। गिरफ्तार आरोपियों में बीटेक सिविल इंजीनियर समेत तीन लोग शामिल हैं।

कैसे हुई गिरफ्तारी:
एसटीएफ के अपर पुलिस अधीक्षक राजकुमार मिश्र ने जानकारी दी कि लंबे समय से चीनी नागरिकों के लिए भारतीय बैंक खातों का दुरुपयोग कर ठगी की सूचनाएं मिल रही थीं। लोकल इंटेलिजेंस से मिली सूचना के आधार पर एसटीएफ ने थाना सूरजपुर क्षेत्र के घण्टा गोल चक्कर के पास जाल बिछाया और तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।

गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान नवरत्न सिंह खुराल उर्फ रोबी, तनवीर और शाकिब शेख के रूप में हुई है। एसटीएफ टीम ने इन्हें पूछताछ के लिए नोएडा कार्यालय ले जाकर विस्तृत जानकारी जुटाई।

कैसे चल रहा था धोखाधड़ी का नेटवर्क:
अपर पुलिस अधीक्षक ने बताया कि नवरत्न सिंह खुराल ने बीटेक सिविल इंजीनियरिंग की पढ़ाई की है और अपनी कंस्ट्रक्शन कंपनी शुरू कर सामुदायिक शौचालय बनाने का काम करता था। इसी दौरान उसकी पहचान टेलीग्राम ऐप के जरिए हू जियांग नामक एक चीनी नागरिक से हुई। हू जियांग ने उसे भारतीय नागरिकों के बैंक खातों का उपयोग कर अवैध रूप से धन कमाने की योजना बताई।

तनवीर और शाकिब, नवरत्न को भारतीय नागरिकों के बैंक खाते और उनकी जानकारी उपलब्ध कराते थे। नवरत्न ये जानकारी चीनी नागरिकों को नेपाल और थाईलैंड भेजता था, जो इन खातों का उपयोग कर भारतीय नागरिकों से ठगी करते थे।

क्रिप्टोकरेंसी के जरिए हवाला कारोबार:
पूछताछ में पता चला कि ये आरोपी अंतरराष्ट्रीय लेनदेन के लिए USDT क्रिप्टोकरेंसी का इस्तेमाल करते थे। यह प्रणाली उन्हें FEMA और अन्य वित्तीय नियमों से बचने में मदद करती थी। इस काम के बदले चीनी नागरिकों से उन्हें अच्छा कमीशन मिलता था।

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देशभर में फैला था नेटवर्क:
जांच में यह भी सामने आया कि इन आरोपियों का नेटवर्क जम्मू-कश्मीर, महाराष्ट्र, गुजरात, कर्नाटक, दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश और हरियाणा जैसे राज्यों में फैला हुआ था। यहां से ये बड़ी संख्या में म्यूल अकाउंट (धोखाधड़ी के लिए इस्तेमाल होने वाले बैंक खाते) इकट्ठा कर चीनी नागरिकों को बेचते थे।

कानूनी कार्रवाई:
आरोपियों के खिलाफ थाना सूरजपुर में धारा 318(4), 338, 336(3), 340(2), बीएनएस एवं 14 विदेशी अधिनियम और 66 डी आईटी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। स्थानीय पुलिस मामले की विस्तृत जांच कर रही है।