Delhi Election 2025: दिल्ली चुनाव नजदीक हैं, और सभी राजनीतिक दल अपनी तैयारियों में जुटे हैं। इसी कड़ी में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भाजपा प्रत्याशी बजरंग शुक्ला के समर्थन में किराड़ी विधानसभा क्षेत्र में जनसभा को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने आम आदमी पार्टी (AAP) की सरकार और मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर तीखा हमला बोला।

यमुना की दुर्दशा पर सवाल 

योगी आदित्यनाथ ने यमुना की स्थिति पर AAP सरकार को आड़े हाथों लिया। उन्होंने प्रयागराज के महाकुंभ का जिक्र करते हुए कहा, “मैंने और मेरे मंत्रियों ने संगम में डुबकी लगाई। क्या अरविंद केजरीवाल अपने मंत्रियों के साथ यमुना में डुबकी लगा सकते हैं? इन्होंने यमुना को गंदे नाले में बदल दिया है।” 

सड़कों और बुनियादी सुविधाओं पर उठाए सवाल 

योगी आदित्यनाथ ने कहा, “दिल्ली की सड़कों पर गड्ढे हैं या गड्ढों में सड़कें हैं? ये सरकार विकास के काम करने में असमर्थ है। जनता को बुनियादी सुविधाएं देने के बजाय AAP सरकार सोशल मीडिया और प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए लोगों को गुमराह कर रही है।

रोहिंग्या और बांग्लादेशियों का मुद्दा उठाया 

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री ने कहा, “AAP सरकार ने ओखला इलाके में उद्योग लगाने के बजाय बांग्लादेशियों को बसाने का काम किया। रोहिंग्या को दिल्ली में बसाया जा रहा है, जिससे दिल्ली की स्थिति और खराब हो रही है।” 

दिल्ली में दंगों का आरोप 

2020 के दिल्ली दंगों का जिक्र करते हुए योगी आदित्यनाथ ने कहा, “दिल्ली दंगों में आम आदमी पार्टी के पार्षद की भूमिका संदेहास्पद रही है। यह सरकार योजनाबद्ध तरीके से दंगे कराने का काम करती है।” 

बिजली और विकास का मुद्दा 

योगी आदित्यनाथ ने बिजली के मुद्दे पर AAP सरकार पर निशाना साधते हुए कहा, “उत्तर प्रदेश में ₹3 प्रति यूनिट बिजली दी जा रही है, जबकि दिल्ली में ₹8 प्रति यूनिट बिजली दी जा रही है।” उन्होंने पंजाब में AAP द्वारा किए गए वादों का हवाला देते हुए कहा, “पंजाब की महिलाओं को ₹1000 देने का वादा करने वाली सरकार अब वहां की महिलाओं से घिर रही है। जब वहां वादा पूरा नहीं किया, तो दिल्ली में कैसे करेंगे?” 

काशी विश्वनाथ का उदाहरण दिया 

मंदिरों के विकास के मुद्दे पर बोलते हुए योगी आदित्यनाथ ने कहा, “AAP सरकार केवल मस्जिदों के मौलाना को सैलरी देने का वादा करती है। कभी मंदिर के विकास के लिए नहीं सोचती। अगर देखना है कि मंदिरों का विकास कैसे होता है, तो काशी विश्वनाथ आइए।