Mahakumbh 2025: भारत का सबसे प्रसिद्ध मेला कुंभ मेला है। यह आस्था का मेला है। दुनिया के सबसे प्रसिद्ध मेले के रूप में जाने जाने वाले महाकुंभ के लिए एक अविश्वसनीय ग्रहीय संयोग बन रहा है। यह मेला उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में आयोजित किया जा रहा है, जहां त्रिवेणी संगम स्थित है। महाकुंभ हर 144 साल में एक बार होता है। मेला आज से शुरू हो गया है और 44 दिनों तक चलेगा, जो स्नान और दान के लिए शुभ समय है।
महाकुंभ का आयोजन कैसे होता है?
बता दें कि महाकुंभ किसी निश्चित कैलेंडर तिथि के आधार पर नहीं मनाया जाता है। इस मेले का समय और तिथियां खगोलीय ग्रहों की चाल से निर्धारित होती हैं। यह बृहस्पति (गुरु) और सूर्य सहित आकाशीय पिंडों की स्थिति पर निर्भर करता है। ज्योतिष के अनुसार, जब बृहस्पति वृषभ राशि में, शनि कुंभ राशि में और सूर्य मकर राशि में होता है, तो महाकुंभ होता है। इस आयोजन के दौरान स्नान और दान का विशेष महत्व होता है। महाकुंभ में भारत के विभिन्न हिस्सों से आए साधु-संत सबसे पहले डुबकी लगाते हैं, उसके बाद आम श्रद्धालु।
महाकुंभ कब शुरू होगा?
महाकुंभ मेला आज, सोमवार, 13 जनवरी, 2025 से शुरू हो रहा है और 26 फरवरी, 2025 को महाशिवरात्रि के अवसर पर समाप्त होगा।
इस कुंभ में क्या खास है?
इस बार कुंभ मेला 144 साल बाद ग्रहों की शुभ स्थिति में मनाया जाएगा। यह घटना समुद्र मंथन से भी जुड़ी है, जिसके दौरान देवताओं और राक्षसों दोनों ने अमरता के अमृत के लिए संघर्ष किया था। माना जाता है कि इस अमृत की कुछ बूंदें इन पवित्र स्थानों पर गिरी थीं और यहाँ स्नान करने से मोक्ष की प्राप्ति होती है। महाकुंभ के दिन ग्रहों की स्थिति इस प्रकार है: सूर्य, चंद्रमा, बृहस्पति और शनि अनुकूल स्थिति में हैं। समुद्र मंथन के दौरान भी इसी तरह के ग्रहों की स्थिति होने की गणना की गई है।
पूर्णिमा के साथ शुभ संयोग
महाकुंभ के दिन पौष माह की पूर्णिमा होती है। पूर्णिमा के दिन स्नान, दान और ब्राह्मणों को भोजन कराना बहुत शुभ माना जाता है। इस दिन सुबह रवि योग है, साथ ही भद्रा का प्रभाव भी है, जो सामान्य जीवन के लिए बहुत लाभकारी माना जाता है।
इन राशियों का बदलेगा भाग्य
महाकुंभ के दौरान शुभ ग्रहों की स्थिति के कारण मेष, वृषभ, सिंह और मकर राशियों में सकारात्मक परिवर्तन देखने को मिलेंगे। ज्योतिष के अनुसार, इन राशियों के भाग्य में बदलाव आएगा और इनकी आर्थिक स्थिति में सुधार होगा। लंबित कार्य पूरे होंगे, नई परियोजनाओं में आने वाली रुकावटें दूर होंगी और इनकी आर्थिक स्थिति अनुकूल होगी। इन्हें करियर में उन्नति और अपने पेशेवर जीवन में महत्वपूर्ण लाभ देखने को मिलेंगे।
