Delhi Election 2025: भाजपा ने दिल्ली की आम आदमी पार्टी (आप) सरकार और अरविंद केजरीवाल पर तीखा हमला बोला है। यह हमला दिल्ली की शराब नीति से जुड़ी नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (सीएजी) की रिपोर्ट पर आधारित है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, सीएजी की रिपोर्ट में दावा किया गया है कि दिल्ली की शराब नीति की वजह से सरकारी खजाने को 2,026 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। साथ ही, रिपोर्ट में शराब नीति के क्रियान्वयन में कई खामियों को भी उजागर किया गया है।

निर्माण और कार्यान्वयन में पाई गई कई खामियां और अनियमितता

सरकार को 2,026 करोड़ रुपये का घाटा हुआ।

शराब नीति बनाते समय विशेषज्ञों की राय को नजरअंदाज किया गया।

जबकि विशेषज्ञ पैनल की सलाह मांगी गई थी, लेकिन उनकी सिफारिशों की अनदेखी की गई।

शराब कंपनियों को लाइसेंस जारी करने में अनियमितताएं।

पहले से घाटे में चल रही और ब्लैक लिस्टेड कंपनियों को लाइसेंस जारी किए गए।

शराब नीति के निर्माण और कार्यान्वयन में पारदर्शिता की कमी।

शराब की कीमतों और लाइसेंस जारी करने में पारदर्शिता के मुद्दे उजागर हुए।

शराब नीति के बारे में निर्णय लेने में कैबिनेट और उपराज्यपाल की अनदेखी के आरोप।

कोविड-19 के बहाने कई कंपनियों के लाइसेंस शुल्क में 144 करोड़ रुपये की गलत छूट।

गौरतलब है कि कैग की इस रिपोर्ट में शराब नीति के कारण हुए घाटे का विस्तृत विश्लेषण शामिल है। इस विश्लेषण में कोविड-19 के नाम पर दी गई छूट और पुराने लाइसेंसों का नवीनीकरण न करने से होने वाले नुकसान का हिसाब है।

सरकार को कैसे हुआ घाटा

वापस लिए गए लाइसेंसों का दोबारा टेंडर न करने से 890 करोड़ का घाटा।

जोनल लाइसेंस धारकों को अनुचित रियायतों से 941 करोड़ का घाटा।

कोविड-19 के नाम पर गलत तरीके से छूट देने से 144 करोड़ का घाटा।

सिक्योरिटी डिपॉजिट के अनुचित संग्रह से 27 करोड़ का घाटा।

रिपोर्ट में यह भी आरोप लगाया गया है कि लाइसेंस धारकों और थोक विक्रेताओं के बीच गलत समझौते किए गए। न तो शराब की गुणवत्ता की जांच के लिए टेस्टिंग लैब बनाई गई और न ही खुदरा दुकानों को समान रूप से वितरित किया गया। जाहिर है, इस रिपोर्ट ने दिल्ली में चुनावी माहौल को गरमा दिया है।

केजरीवाल ने रिपोर्ट को बताया राजनीति से प्रेरित

भाजपा ने इस रिपोर्ट को आम आदमी पार्टी पर सीधे निशाना साधने के लिए हथियार के तौर पर इस्तेमाल किया है। इसने नीति से जनता को नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाया जबकि आप नेताओं को कथित तौर पर भारी कमीशन मिला। हालांकि, आम आदमी पार्टी ने इस रिपोर्ट को राजनीति से प्रेरित बताकर खारिज कर दिया है।

पाठशाला से मधुशाला…

इस मामले पर प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए भाजपा नेता अनुराग ठाकुर ने कहा कि दिल्ली में 2,026 करोड़ रुपये का राजकोषीय घाटा हुआ है। अनुराग ठाकुर ने कहा, “आम आदमी पार्टी ने स्कूल बनाने का वादा किया था, लेकिन इसके बजाय शराब की दुकानें बना दीं। वे झाड़ू की बात करते थे, लेकिन शराब पर ध्यान केंद्रित कर दिया। उन्होंने स्वराज की बात की, लेकिन शराब की ओर बढ़ गए। उनका 10 साल का सफर घोटालों और AAP के पापों से भरा है। अरविंद केजरीवाल दिल्ली में 2,026 करोड़ रुपये के राजकोषीय घाटे के लिए जिम्मेदार हैं।”

आप पर साधा निशाना

उन्होंने आगे सवाल किया, “अगर आप की नीतियां इतनी अच्छी थीं, तो उन्हें वापस क्यों लिया गया? आज आप के पास दिल्ली की टूटी सड़कें, घरों में गंदा पानी, बढ़ते बिजली बिल, कूड़े के पहाड़ और प्रदूषण के लिए कोई जवाब नहीं है। दिल्ली इस ‘आपदा’ (‘आपदा’ पर एक शब्द-खेल) से मुक्त होना चाहती है।”

उन्होंने कहा, “जिस आदमी ने कभी दावा किया था कि वह बड़ा घर, कार या सुरक्षा गार्ड नहीं लेगा, उसने अब न केवल बड़ा घर लिया है, बल्कि एक महल भी बनवाया है। न केवल बड़ी कार, बल्कि सबसे बड़ी कार। उसके पास एक नहीं बल्कि दो राज्यों की सुरक्षा है। वह एक नहीं बल्कि कई घोटालों में शामिल रहा है। आप के पाप अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व में हुए हैं।”