देहरादून। मौसम विभाग द्वारा जारी रेड और ऑरेंज अलर्ट के मद्देनजर मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने रविवार देर शाम राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र (SEOC) पहुंचकर प्रदेश में बारिश से उत्पन्न स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनजीवन की सुरक्षा राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और सभी विभाग पूर्ण समन्वय के साथ 24×7 अलर्ट मोड पर कार्य करें।

मुख्य सचिव ने प्रदेशभर में वर्षा, नदियों के जलस्तर, बंद सड़कों, भूस्खलन प्रभावित क्षेत्रों, राहत एवं बचाव कार्यों, विद्युत-पेयजल आपूर्ति और संचार व्यवस्था की जानकारी ली। उन्होंने जिलाधिकारियों को वर्षा एवं अतिवृष्टि से हुए नुकसान का विस्तृत आकलन कर शीघ्र USDMA को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए, ताकि राहत एवं पुनर्स्थापना कार्यों में तेजी लाई जा सके।

15 अक्टूबर तक सड़कें गड्ढामुक्त करने के निर्देश

मुख्य सचिव ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशों का उल्लेख करते हुए सभी जिलों को 15 अक्टूबर तक सड़कों को गड्ढामुक्त करने के अभियान को निर्धारित समयसीमा में पूरा करने को कहा। उन्होंने क्षतिग्रस्त परिसंपत्तियों और जनहानि का आकलन कर प्रभावित लोगों को नियमानुसार मुआवजा जल्द उपलब्ध कराने के भी निर्देश दिए।

मौसम देखकर ही संचालित हो चारधाम यात्रा

मुख्य सचिव ने कहा कि मौसम की वास्तविक स्थिति को देखते हुए ही चारधाम यात्रा संचालित की जाए। अत्यधिक बारिश या मार्ग अवरुद्ध होने की स्थिति में यात्रियों को सुरक्षित स्थानों पर रोककर आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं और स्थिति सामान्य होने के बाद ही यात्रा आगे बढ़ाई जाए।

नदियों के जलस्तर पर 24 घंटे निगरानी रखने तथा डैम और बैराज से पानी छोड़े जाने की स्थिति में डाउनस्ट्रीम क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को पहले से सूचना देकर सतर्क करने के निर्देश भी दिए गए।

संवेदनशील लोगों की विशेष निगरानी

गर्भवती महिलाओं, वरिष्ठ नागरिकों, दिव्यांगजनों और गंभीर बीमारियों से पीड़ित लोगों की विशेष निगरानी के निर्देश दिए गए हैं। संवेदनशील क्षेत्रों में रहने वाली गर्भवती महिलाओं को आवश्यकता पड़ने पर समय रहते सुरक्षित स्थानों अथवा चिकित्सा सुविधाओं वाले स्थानों पर पहुंचाने तथा जरूरत के अनुसार हेलीकॉप्टर सेवा उपलब्ध कराने को कहा गया।

डेंगू की रोकथाम के लिए जिला अस्पतालों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में जांच किट, दवाइयां, रक्त, बेड और पर्याप्त चिकित्सा स्टाफ की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

28 सितंबर सुबह 6 बजे से शुरू होगा ट्रेकर्स रेस्क्यू

मुख्य सचिव ने उत्तरकाशी और बागेश्वर में हाई एल्टीट्यूड ट्रेकिंग के दौरान फंसे ट्रेकर्स के राहत एवं बचाव अभियान की भी समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिए कि सोमवार, 28 सितंबर को सुबह 6 बजे से हेलीकॉप्टरों के माध्यम से रेस्क्यू अभियान शुरू किया जाए।
यूकाडा के माध्यम से पर्याप्त संख्या में हेलीकॉप्टर उपलब्ध कराने और आवश्यकता पड़ने पर अतिरिक्त हेलीकॉप्टरों की व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए। रेस्क्यू के दौरान ट्रेकर्स से लगातार संपर्क बनाए रखने तथा उनकी लोकेशन और स्वास्थ्य की जानकारी लेते रहने को कहा गया।

रेस्क्यू के बाद सभी ट्रेकर्स की तत्काल मेडिकल स्क्रीनिंग कराई जाएगी। आवश्यकता पड़ने पर बेहतर उपचार के लिए एम्स ऋषिकेश और श्रीनगर मेडिकल कॉलेज को अलर्ट मोड पर रखने के निर्देश दिए गए हैं।

मुख्य सचिव ने विशेष रूप से कहा कि रेस्क्यू अभियान में शामिल हर हेलीकॉप्टर में सैटेलाइट फोन अनिवार्य रूप से उपलब्ध होना चाहिए, ताकि ऊंचाई वाले और संचारविहीन क्षेत्रों में भी रेस्क्यू टीमों से लगातार संपर्क बना रहे।